800 साल पुरानी मस्जिद केस में मुस्लिम पक्ष को झटका

दिल्ली हाई कोर्ट का अखुंदजी मस्जिद में ईद की नमाज की अनुमति से इनकार

दिल्ली: दिल्ली की 800 साल पुरानी अखुंदजी मस्जिद मामले में मुस्लिम पक्ष को झटका लगा है। दिल्ली हाई कोर्ट ने सोमवार को महरौली स्थित अखुंदजी मस्जिद में ईद की नमाज अदा करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। बीते जनवरी महीने में यह मस्जिद अब ध्वस्त की जा चुकी है। इस मामले में दिल्ली हाई कोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनमोहन की अध्यक्षता वाली पीठ ने निर्देश दिया कि मुंतजामिया कमेटी मदरसा बहरुल उलूम और कब्रिस्तान की अपील को सात मई की सुनवाई के लिए सूचीबद्ध संबंधित मामले के साथ जोड़ दिया जाए।

कमेटी ने एकल न्यायाधीश के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें रमजान और ईद की नमाज के लिए 800 साल पुरानी मस्जिद स्थल में जाने की अनुमति देने के अनुरोध वाली याचिका को खारिज कर दिया गया था। पीठ ने कहा कि एकल न्यायाधीश ने शब-ए-बारात के अवसर पर नमाज की अनुमति देने से इनकार करने वाले एक अन्य आदेश के आधार पर आदेश पारित किया और इस आदेश को चुनौती देने वाली एक अन्य अपील पर मई में सुनवाई होगी।

याचिकाकर्ता के वकील ने अदालत से अपील पर एक आदेश पारित करने का आग्रह करते हुए कहा कि तब तक रमजान के साथ-साथ ईद की अवधि भी समाप्त हो जाएगी। इसपर पीठ ने कहा कि इस स्तर पर मामले में कोई अंतरिम आदेश पारित नहीं किया जा सकता है, खासकर जब एकल न्यायाधीश ने करीब एक महीने पहले राहत देने से इनकार कर दिया था।

गौरतलब है कि 800 साल से अधिक पुरानी मानी जाने वाली अखुंदजी मस्जिद और साथ ही वहां के बहरुल उलूम मदरसे को संजय वन में अवैध ढांचा घोषित कर दिया गया था। इसे 30 जनवरी को दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने ध्वस्त कर दिया था। अब इस मामले में ईद की नमाज पढ़ने के लिए अनुमति मांगने पर हाई कोर्ट ने अनुमति देने से इनकार कर दिया है।

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